योगी सरकार का बड़ा बजट दांव! किसानों, युवाओं और गांवों के विकास के लिए खोला खजाना, करोड़ों की नई सौगात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चुनावी वर्ष में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट के जरिए किसानों, युवाओं और ग्रामीण विकास को बड़ी प्राथमिकता दी है। 59,019.54 करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट में कृषि, कौशल विकास, रोजगार, शिक्षा, औद्योगिक निवेश और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं और अतिरिक्त बजटीय प्रावधानों का ऐलान किया गया है। यह बजट बुधवार को विधानमंडल के दोनों सदनों से पारित हो गया।

युवाओं के कौशल विकास और रोजगार पर विशेष जोर

सरकार ने युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों और डिग्री कॉलेजों में टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रावास और नए परिसरों के निर्माण के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को 101 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। राज्य डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 51 करोड़ रुपये और आईटी सदन की स्थापना के लिए 50.02 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने, पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों के मानदेय तथा युवा समग्र विकास योजना और पीआरडी परिवार कल्याण योजना के लिए भी अतिरिक्त धनराशि मंजूर की गई है।

किसानों के लिए नई योजनाएं, फसलों की कीमत सुनिश्चित करने पर फोकस

अनुपूरक बजट में किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए फिलहाल 20 करोड़ रुपये की प्रतीकात्मक व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि कार्ययोजना तैयार होने के बाद इस योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता कोष के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसके माध्यम से आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों के न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण शुल्क पर अनुदान के लिए भी 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये, फलदार पौधों की रोपाई के लिए 10 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए 14 करोड़ रुपये तथा सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नंदबाबा मिशन, मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्रों की खरीद और दुग्धशाला विकास के लिए भी अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया गया है।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग को 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसमें लगभग 13 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन पर खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र, डिजिटल ग्राम योजना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन तथा मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के लिए भी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।

औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी

सरकार ने एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और उन्नाव में 10 औद्योगिक गलियारे विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को 1,500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 1,302.61 करोड़ रुपये तथा भारत औद्योगिक विकास योजना के लिए 495.86 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बुनकरों, छोटे उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र को भी मिला बजट का सहारा

सरकार ने फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर उद्योगों के विकास के लिए नई नीति के तहत प्रतीकात्मक बजटीय व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और संत कबीरनगर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के लिए 125 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बुनकरों के सामूहिक बीमा के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

ऊर्जा क्षेत्र में मेजा यूनिट-2 की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपये और आरडीएसएस योजना के लिए 6,958 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले प्रस्तावित संपर्क एक्सप्रेसवे के लिए 250 करोड़ रुपये तथा मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए 5,780 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यूपीडा के नए कार्यालय के निर्माण के लिए 119 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

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